पैकेट वाला खाना - स्वाद में मज़ेदार लेकिन शरीर के लिए ज़हर! पैकेट में Preservative, Color सहित दर्जनों हानिकारक केमिकल


Packed food item is dangerous

क्या हम ज़हर खा रहे हैं... स्वाद के नाम पर?

सुबह-सुबह ऑफिस की भागदौड़, बच्चों का टिफिन पैक करना, और फिर दिनभर की दौड़-भाग के बीच अगर कुछ जल्दी और आसान खाने को मिल जाए, तो हम बिना सोचे-समझे उसे तुरंत खा लेते हैं। यही है पैकेट वाला खाना, यानी चिप्स, कुकीज़, इंस्टेंट नूडल्स, नमकीन, बिस्किट्स, केक, ड्रिंक्स, और न जाने क्या-क्या।

पर क्या आपने कभी उस पैकेट के पीछे लिखा छोटा सा टेक्स्ट पढ़ा है? नहीं? उसमें लिखा होता है –
Preservatives, Added Flavour, Artificial Colour, Acidity Regulators, E-102, E-211, INS-330, और ऐसे दर्जनों नाम जिनका मतलब हम समझते ही नहीं।

तो आइए, आज आपको बताते हैं – कैसे ये पैकेट वाला खाना धीरे-धीरे हमारे शरीर में ज़हर घोल रहा है और क्यों ये जितना दिखने में आकर्षक है, उतना ही अंदर से खतरनाक भी।

1. पैकेट में छुपा “प्रिज़र्वेटिव बम”

पैकेट वाला खाना लंबे समय तक खराब न हो, इसके लिए उसमें डाले जाते हैं प्रिज़र्वेटिव यानी संरक्षक रसायन
जैसे:

  • Sodium Benzoate (E211)
  • Potassium Sorbate (E202)
  • BHA (Butylated Hydroxyanisole)

इनका काम होता है – खाने को "ताज़ा दिखाना"। पर हकीकत में ये रसायन हमारे लीवर, किडनी और दिमाग को नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने से कैंसर, हॉर्मोनल इम्बैलेंस, और बच्चों में Attention Deficit जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

2. रंग-बिरंगे खाने का सच – Artificial Colours

जब आप कोई कैंडी या टॉफी देखते हैं – नीली, गुलाबी, पीली – तो लगता है जैसे इंद्रधनुष प्लेट में उतर आया हो!
पर क्या आप जानते हैं, इनमें इस्तेमाल होते हैं –

  • Tartrazine (E102)
  • Sunset Yellow (E110)
  • Brilliant Blue (E133)

ये रंग भले ही खाने को आकर्षक बनाते हैं, लेकिन शरीर में एलर्जी, स्किन रैशेस, माइग्रेन, और हाइपरएक्टिविटी जैसी दिक्कतें पैदा करते हैं। कुछ स्टडीज़ के मुताबिक ये neurotoxic यानी दिमागी स्वास्थ्य के लिए ज़हर की तरह काम करते हैं।

3. Flavour Enhancers - ज़बान को धोखा, शरीर को नुकसान

कई बार हम कहते हैं – “ये चिप्स बहुत टेस्टी हैं”, “इस नूडल का फ्लेवर ज़बरदस्त है”।
असल में, ये स्वाद होता है MSG (Mono Sodium Glutamate) का, जिसे हम "अजीनोमोटो" के नाम से जानते हैं।

MSG खाने में स्वाद बढ़ाने वाला केमिकल है, लेकिन यह:

  • दिमाग की कोशिकाओं को उत्तेजित करता है
  • भूख को बढ़ा देता है (Overeating के लिए जिम्मेदार)
  • सिरदर्द, घबराहट और नींद की कमी जैसी समस्याएं देता है

MSG को लेकर WHO और FDA दोनों ने चेतावनी दी है कि इसका नियमित सेवन बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक है।

4. High Fructose Corn Syrup - मीठा ज़हर

पैकेट वाली कोल्ड ड्रिंक्स, फ्लेवर्ड दूध, चॉकलेट, ब्रेड और कुकीज़ में जो मीठास होती है, वह अक्सर High Fructose Corn Syrup (HFCS) से आती है।
यह मीठा ज़हर है जो:

  • शरीर में फैट जमा करता है
  • इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ाता है
  • डायबिटीज और फैटी लिवर का बड़ा कारण बनता है

इसका कोई पोषण मूल्य नहीं है, केवल स्वाद के लिए इसे डाला जाता है और इससे आपको मीठे की आदत लग जाती है।

5. Trans Fat – दिल का दुश्मन

पैकेट वाले बिस्किट, नमकीन और केक में एक और खतरनाक चीज़ छुपी होती है – Trans Fat
यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल को असंतुलित करता है, जिससे:

  • दिल की बीमारियों का खतरा
  • ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी
  • धमनियों में ब्लॉकेज होता है

WHO ने ट्रांस फैट को "Silent Killer" कहा है, और इसे पूरी दुनिया में बैन करने की सिफारिश की है।

6. खाली कैलोरीज़ – पोषण नहीं, मोटापा ज़रूर

पैकेट वाले खाने में विटामिन, मिनरल्स, फाइबर जैसी पोषक चीज़ें बहुत कम होती हैं। इसमें होते हैं केवल:

  • खाली कार्बोहाइड्रेट
  • रिफाइंड शुगर
  • प्रोसेस्ड तेल

इस तरह का खाना भूख तो मिटा देता है लेकिन शरीर को पोषण नहीं देता। नतीजा –
कमज़ोरी, मोटापा, पाचन खराब, इम्युनिटी कमजोर।

7. बच्चों के लिए सबसे खतरनाक

आज के बच्चे बर्गर, फ्रेंच फ्राई, चॉकलेट, नूडल्स, और जूस जैसे पैकेट वाले खाने के आदी हो चुके हैं। इससे उनके शरीर में:

  • कैल्शियम की कमी
  • आयरन की कमी
  • हॉर्मोनल डिस्टर्बेंस
  • एकाग्रता में कमी
  • पाचन खराब

इतना ही नहीं, यह Junk Food बच्चों की Taste Buds को बर्बाद कर देता है जिससे उन्हें फल-सब्जी जैसी नैचुरल चीज़ों का स्वाद अच्छा ही नहीं लगता।

8. ब्रेन और मूड पर असर

क्या आपने कभी गौर किया है – पैकेट वाला खाना खाने के कुछ घंटों बाद चिड़चिड़ापन, थकान या माइग्रेन जैसी स्थिति हो जाती है?

इसके पीछे कारण है –
Artificial Flavours, Preservatives, और Sugar Overload, जो दिमाग की न्यूरोकेमिस्ट्री को बिगाड़ देते हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।

तो करें क्या? क्या खाएं?

समाधान बहुत सरल है –
जो चीज़ पेड़ - पौधों से आती है, वो खाओ। जो फैक्ट्री में बनती है, उससे बचो।

कुछ आसान टिप्स:

  • फ्रूट्स और सब्ज़ियां ताज़ी खाएं
  • अंकुरित अनाज, सूखे मेवे को स्नैक्स में शामिल करें
  • घर का बना खाना खाएं – जैसे पोहा, उपमा, दाल-रोटी
  • बच्चों को टिफिन में फ्रूट्स, होममेड Food, पराठा देना शुरू करें
  • धीरे-धीरे पैकेट वाला खाना कम करे। 

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Himanshu Yadav

He is a certified Medical Nutritionist from Lincoln University, Malaysia, and a radiographer who has spent years working in hospitals. While working closely with patients and doctors, he noticed something surprising — most treatments rely on medicines, even when simple diet or lifestyle changes can help. This motivated him to dive deeper into Nutrition, Natural Science, and Ayurveda. He genuinely enjoys reading and writing about health and wellness, and he is passionate about healing the body naturally, without harmful drugs.

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