हार्ट अटैक आया है या कार्डियक अरेस्ट, ऐसे जानें आसानी से, हार्ट अटैक में नहीं देते सी.पी.आर. Is it a Heart Attack or Cardiac Arrest? Know the Difference Easily - CPR is Not Given in a Heart Attack

Is it a Heart Attack or Cardiac Arrest? Know the Difference Easily - CPR is Not Given in a Heart Attack

हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट? जानिए फर्क - वरना जान भी जा सकती है!

सोचिए - आपके सामने कोई अचानक गिर पड़ा। आप घबरा गए, लोगों ने कहा “CPR दो!” और आपने भी शुरू कर दिया, लेकिन रुकिए क्या वाकई - उसे CPR की ज़रूरत थी?
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट दोनों सुनने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनकी सच्चाई और इलाज ज़मीन-आसमान का फर्क रखते हैं।

तो आइए, इस बेहद जरूरी जानकारी को सीधी, सरल और दिलचस्प भाषा में समझते हैं। क्योंकि यह सिर्फ ज्ञान नहीं - ज़िंदगी बचाने की कला है।

 Highlights:

  • हार्ट अटैक को ऐसे पहचानें - सांसें चल रही हैं तो CPR नहीं!
  • कार्डियक अरेस्ट में तुरंत CPR ज़रूरी
  • हार्ट अटैक आया तो घर में क्या करें जब तक एम्बुलेंस आए?
  • कार्डियक अरेस्ट क्यों आता है - और कैसे रोकें?
  • हार्ट को बचाने वाली "गोल्डन मिनट्स" क्या होती हैं?

 हार्ट अटैक क्या है? (What is a Heart Attack?)

इसे ऐसे समझें:
दिल एक पंप है, और इस पंप को भी खून चाहिए - जिसे पहुंचाती हैं हार्ट की अपनी नसें (coronary arteries)। अगर इनमें ब्लॉकेज हो जाए, तो उस हिस्से में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंचेगी, और वह हिस्सा "दम घुटने" से मरने लगेगा।

 आसान भाषा में:

  • हार्ट अटैक का मतलब है - दिल बंद नहीं होता, लेकिन उसकी कुछ नसें ब्लॉक हो जाती हैं।
  • इस दौरान दिल का ज़्यादातर हिस्सा काम करता रहता है।
  • मरीज होश में रहता है, सांस ले रहा होता है, लेकिन दर्द से तड़प सकता है।

हार्ट अटैक की पहचान कैसे करें?



  • छाती में जोरदार दबाव या जलन, अक्सर बाएं हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलती है
  • सांस फूलना - जैसे सीढ़ियां चढ़ने पर दम घुट रहा हो
  • ठंडा पसीना, घबराहट, और बेचैनी
  • मरीज अक्सर सीने पर हाथ रखकर बैठने लगता है
  • कभी-कभी उल्टी या चक्कर भी आते हैं

 हार्ट अटैक में CPR क्यों नहीं दिया जाता?

क्योंकि CPR तब दिया जाता है जब दिल पूरी तरह रुक जाए।
लेकिन हार्ट अटैक में दिल अभी भी धड़क रहा होता है - भले ही कमजोर हो। अगर ऐसे में CPR देंगे, तो मरीज को और नुकसान हो सकता है।

 हार्ट अटैक आए तो तुरंत क्या करें?

  • मरीज को आरामदायक मुद्रा में बैठाएं - पीठ सीधी और पैरों को मोड़कर।
  • घबराएं नहीं, शांत रहें - घबराहट हार्ट पर और ज़्यादा प्रेशर डाल सकती है।
  • छोटा टुकड़ा अदरक दें चबाने को। यह प्राकृतिक रूप से नाइट्रिक ऑक्साइड रिलीज करता है जो ब्लॉकेज कम करने में सहायक होता है।
अदरक का उपयोग घरेलू उपाय है, लेकिन यह वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है। 

 अब समझिए कार्डियक अरेस्ट क्या है? (What is Cardiac Arrest?)

यह अचानक होने वाला एक जबरदस्त हमला है - बिना चेतावनी के।
हार्ट का इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल हो जाता है, और दिल पूरी तरह धड़कना बंद कर देता है।

 फर्क समझें:

  • हार्ट अटैक में दिल "धीमा" होता है
  • कार्डियक अरेस्ट में दिल "बंद" हो जाता है

 कार्डियक अरेस्ट की पहचान:

Is it a Heart Attack or Cardiac Arrest? Know the Difference Easily - CPR is Not Given in a Heart Attack
Credit- Getty Image

  • मरीज अचानक गिर पड़ता है, होश नहीं होता
  • पल्स गायब होती है, सांस नहीं चल रही होती
  • शरीर सुन्न और ठंडा होने लगता है
  • आँखें खुली हो सकती हैं लेकिन प्रतिक्रिया नहीं देती

 कार्डियक अरेस्ट क्यों होता है?

  • दिल के इलेक्ट्रिकल सिग्नल का रुक जाना (Arrhythmia)
  • वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन (VF) - दिल की कंपकंपी
  • किसी बड़े हादसे या सदमे से भी दिल रुक सकता है

 कार्डियक अरेस्ट आए तो क्या करें?

अब वक्त है एक्शन का - हर सेकंड कीमती है।

  • सबसे पहले देखें - मरीज सांस ले रहा है या नहीं?
  • पल्स चेक करें - गर्दन या कलाई पर
  • अगर नहीं चल रही - तो तुरंत CPR शुरू करें:
  • दोनों हाथों से छाती पर जोर से दबाएं - 100-120 बार प्रति मिनट 
  • किसी को कहें एम्बुलेंस और AED (डिफिब्रिलेटर) लाने को भेजे
  • जब तक मेडिकल मदद न पहुंचे, CPR जारी रखें
CPR से मरे हुए दिल को फिर से धड़काया जा सकता है -यही जीवन का दूसरा मौका देता है।

 याद रखें - फर्क जानना ज़रूरी है:

लक्षण  हार्ट अटैक    कार्डियक अरेस्ट
दिल काम करता है?   हां          नहीं (पूरी तरह बंद)
मरीज होश में?  हां       नहीं
सांस चल रही है?  हां       नहीं
CPR दें?  नहीं       हां, तुरंत!

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अस्वीकरण- हमारे पृष्ठों की सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए प्रदान की जाती है यह किसी भी तरह से विशिष्ट सलाह का विकल्प नहीं है इसलिए आपको इस जानकारी के आधार पर किसी कार्रवाई को लेने से पहले प्रासंगिक पेशेवर या विशेषज्ञ की सलाह प्राप्त करनी होगी

Himanshu Yadav

He is a certified Medical Nutritionist from Lincoln University, Malaysia, and a radiographer who has spent years working in hospitals. While working closely with patients and doctors, he noticed something surprising — most treatments rely on medicines, even when simple diet or lifestyle changes can help. This motivated him to dive deeper into Nutrition, Natural Science, and Ayurveda. He genuinely enjoys reading and writing about health and wellness, and he is passionate about healing the body naturally, without harmful drugs.

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